नगद लेने पर कड़ा दंड-धारा 269ST

0
1516
Print Friendly, PDF & Email

क्या आप मुझे नगद लेने पर प्रतिबन्ध के बारे में बता सकते हैं ?

आयकर अधिनियम की धारा 269ST के तहत एक नया कानून बना है जो नगद राशि की प्राप्ति पर  आर्थिक दंड लगता है

अगर किसी व्यक्ति को चेक / ड्राफ्ट / एपैमेंट के अलावा किसी भी रूप में 2 लाख रुपये से ज्यादा निम्नांकित में से किसी एक तरह से मिलता है ,

  1. किसी दूसरे व्यक्ति से एक दिन में
  2. एक ही लेनदेन में
  3. एक व्यक्ति से एक घटना के लिए लेनदेन से संबंधित
  4. एक अवसर के लिए लेनदेन से संबंधित

तो उसे उतना ही आर्थिक दंड लग जायेगा

क्या यह कानून सभी व्यक्तियों पर लागू है?

नहीं, निम्नलिखित व्यक्तियों  द्वारा नकद में प्राप्त राशि इस कानून से बाहर हैं

  1. सरकारी संगठन
  2. बैंक
  3. सहकारी बैंक
  4. डाकघर बचत बैंक
  5. उपरोक्त 2, 3, 4 से कोई नकद भुगतान रसीद
  6. कोई भी नकद ऋण या जमा धारा जो 269SS के अंतर्गत आता है
  7. धारा 269SS के अंतर्गत अचल संपत्ति हस्तांतरण के लिए कोई अग्रिम या अन्यथा कवर किया गया
  8. किसी व्यक्ति या एच यू एफ द्वारा कृषि उत्पादन की बिक्री से नकद में प्राप्त राशि जिसके हाथ में ऐसी प्राप्तियां कृषि आय का गठन होती हैं

क्या यह अफवाह है कि धारा 269ST की वजह से बैंक से नकद में वापसी संभव नहीं है?

यह सही नहीं है। सरकार ने 5-4-2017 की अधिसूचना जारी कर के कहा है की  निम्नलिखित व्यक्तियों से

प्राप्त नगद राशि धारा  २६९स्टी के अंतर्गत नहीं आएगी

  • बैंक
  • सहकारी बैंक
  • डाकघर बचत बैंक

अगर मई ३ लाख रूपये का माल बिक्री करूँ  और दो दिनों में दो लाख से निचे की राशि  में भुगतान  प्रापत करूँ , तो भी की क्या धारा २६९सटी लगेगा ?

चूँकि बिक्री का  बिल रु ३ लाख का है , तो यह एक  लेनदेन के नियम के आएगा और इसलिए धारा २६९स्टी इस पर लगेगा

क्या यह कानून 1 अप्रैल 2017 से लागू है?

नहीं, यह कानून 01/04/2016 से लागू है, अर्थात् वित्त वर्ष 2016-17 और आकलन वर्ष 2017-18 इस कानून को पूर्वव्यापी रूप से लागू किया गया है

यदि मैं 2 लाख रुपये से अधिक नकदी लेता हूं तो कितना आर्थिक दंड लग सकता है ??

नए जुर्माना प्रावधान 271 डीए के अनुसार , नकदी में ली गई  राशि  का 100% राशि आपके लिए दंड होगी।

इसलिए, यदि आप किसी व्यक्ति से एक दिन में 2.01 लाख रुपए प्राप्त करते हैं, तो जुर्माना राशि रु  2.01 लाख होगा।

धारा २६९सटी के तहत दंड लगाने का अधिकार किस अधिकारी को है ?

रेंज के संयुक्त आयकर  आयुक्त या  अतिरिक्त आयकर आयुक्त जिसके तहत आपके आकलन अधिकारी के अधीन कार्य  करते हैं को दंड लगाने का अधिकार है

आप अगर नगद राशि लेने के  परिस्थितियों का विवरण दें  ,तो क्या दंड  से  बच सकते  हैं??

अगर आपके स्पष्टीकरण से दण्डधिकारी सन्तुष्ट हैं  , तो वे  जुरमाना नहीं लगा सकते है।  इसके  लिए धारा २६९स्ति में प्राबधान है